हे साइबर ठगों आपसे हमारी अपील है कि हम जो खबर दिखाने जा रहे हैं उसे अपने रिस्क पर देखें हो सकता है कि आपको दिल से बुरा लग जाए क्योंकि आपके ही हम पेशा भाई कानपुर के एक नौजवान को ठगने चले थे उन्होंने कोशिश भी पुरजोर की थी लेकिन अब वह गिड़गिड़ा रहे हैं क्योंकि साहब ने जिसे ठगने का प्लान बनाया था उसने वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद शायद ही किसी साइबर अपराधी ने की हो पता है कानपुर के उस बाशिंदे ने क्या किया उसने साइबर ठक से ही पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए यह कारनामा साउंड तो असंभव सा कर रहा है लेकिन यह हुआ है और इसे अंजाम देने वाले शख्स का नाम है भूपेंद्र जोगी नहीं भूपेंद्र सिंह तो यह कहानी शुरू हुई 6 मार्च को आम दिनों की तरह इस रोज भी भूपेंद्र अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे तभी उनके मोबाइल की घंटी बजी फोन उठाया तो उस ओर से आवाज आती है मैं सीबीआई ऑफिसर बोल रहा हूं यह साइबर ठक बिना छोटी मोटी प्रोफाइल चुनते ही नहीं है कभी सीबीआई चीफ बन जाते...